क्या धर्म जलवायु परिवर्तन को रोकने में कामयाब हो सकता है. अगर इंडोनिशिया के मुसलमान और थाईलैंड के बौद्ध भिक्षु द्वारा वातावरण के लिए किए गए कार्यों को देखें तो यह मुमकिन लगता है.
दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले इंडोनिशिया में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक अहम जंग चल रही है. हर शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान इमाम ग्रीन इस्लाम का संदेश देते हैं. मदरसों में बच्चों को पर्यावरण के बारे में बताया जाता है. हरियाली बढाने के लिए कहा जाता है. मदरसों में दीनी तालीम के अलावा पेड़ भी लगाए जाते हैं.
क्या है ग्रीन इस्लाम?आखिर क्या है ग्रीन इस्लाम? ग्रीन इस्लाम मूल रूप से एक विचार है जिसके तहत मस्जिदों और मदरसों के जरिए वहां के लोगों को जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाता है. पिछले कुछ सालों में इंडोनिशिया पर जलवायु परिवर्तन का भारी असर पड़ा है. लगातार समंदर का जलस्तर बढ़ने और मूसलाधार बारिश से राजधानी जकार्ता में सैकड़ों घर बर्बाद हो चुके हैं. अक्सर भूकंप के झटकों की वजह से एकेह द्वीप और जावा द्वीप के तटीय इलाके बर्बाद हो चुके हैं.